"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

फ़ॉलोअर

शनिवार, 20 जून 2020

दोहे "क्षणभंगुर हैं प्राण" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


--
क्षणभंगुर है यह जगत, अमर एक भगवान।
फिर भी सत्य न मानता, अभिमानी इंसान।।
--
जीवन का तो एक दिन, निश्चित है निर्वाण।
समझ नहीं पाता मनुज, क्षणभंगुर हैं प्राण।।
--
बड़ी शान से खिल रहा, नाजुक फूल कनेर।
क्षणभंगुर है जिन्दगी, रहा सुमन मुँह फेर।।
--
आदिकाल से हैं वही, धरा और आकाश।
जीव-प्रकृति-ईश का, कभी न होता नाश।।
--
जीवन के हैं सफर में, कहीं चढ़ाई-ढाल।
करते बहुत विनाश हैं, क्षणभंगुर भूचाल।।
--
जीवन में होता नहीं, कामनाओं का अन्त।
जो इनसे निर्लिप्त है, वही कहाता सन्त।।
--
जब मिट जाता मोह है, तब आता आरोह।
जीते जी मिटता नहीं, जीवन का व्यामोह।।
--
  

4 टिप्‍पणियां:

  1. जीवन का सत्य यही हे
    बहुत सुंदर सर

    जवाब देंहटाएं
  2. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार(२१ -०६-२०२०) को शब्द-सृजन-26 'क्षणभंगुर' (चर्चा अंक-३७३९) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    --
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
  3. जीवन में होता नहीं, कामनाओं का अन्त।
    जो इनसे निर्लिप्त है, वही कहाता सन्त।।
    वाह!!!

    जवाब देंहटाएं
  4. जीवन सार समझाते सार्थक दोहे।
    हमेशा की तरह शानदार सृजन।

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails