"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

फ़ॉलोअर

सोमवार, 15 जून 2020

ग़ज़ल "खाली हुआ खजाना" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


जीवन की हकीकत का, इतना सा है फसाना
तब तक जहाँ में रहना, जब तक है आबोदाना

सुख के सभी हैं साथी, दुख का कोई न संगी
होते हैं गमजदा जब, हँसता है तब जमाना

घर की तलाश में जो, दर-दर भटक रहे हैं
खानाबदोश को तो, मिलता नहीं ठिकाना

अपना नहीं बनाया, रहने को आशियाना
लेकिन लगा रहा है, वो रोज शामियाना

मंजिल मिली न अब तक, दर-दर भटक रहा है
बेरंग जिन्दगी का, उलझा है ताना-बाना

 अशआर हैं अधूरे, ग़ज़लें सिसक रहीं हैं
दुनिया समझ रही है, लहजा है शायराना

हुनर को इस जहाँ में, कोई न पूछता है
मालिक के दोजहाँ में, खाली हुआ खजाना

लड़ते नहीं कभी भी, बगिया में फूल-काँटे
आया न आदमी को, आपस में सुर मिलाना

दिल की नजर धुँधली, है रूप तिलमिलाता
महफिल में मुफलिसी की, अशआर गुनगुनाना
--

4 टिप्‍पणियां:

  1. हर शेर जिंदगी का पाठ पढाता हुआ ...
    लाजवाब गज़ल ...

    जवाब देंहटाएं
  2. जीवन की हकीकत का, इतना सा है फसाना
    तब तक जहाँ में रहना, जब तक है आबोदाना,
    यह हकीकत है !

    जवाब देंहटाएं
  3. काश जिंदगी का फलसफा समझ जाए इंसान तो ....

    जवाब देंहटाएं
  4. पूरी गज़ल लाजबाब ..हर शेर सच्चाई से भरा

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails