"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

गुरुवार, 21 मई 2009

"टोपी" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

गंजापन ढकने को टोपी, मेरे सिर पर रहती है।
ठिठुरन से रक्षा करती हूँ , बार-बार यह कहती है।।



देखो अपनी गाँधी टोपी,
सारे जग से न्यारी है।
आन-बान भारत की है ये,
हमको लगती प्यारी है।।






लालबहादुर और जवाहर जी ने,
इसको धार लिया।
भारत का सिंहासन इनको,
टोपी ने उपहार दिया।।






टोपी पहिन सुभाषचन्द्र,
लाखों में पहचाना जाता।
टोपी वाले नेता का कद,
ऊँचा है माना जाता।।






खादी की टोपी, धोती,
कुर्ते, की शान निराली है।
बिना पढ़े ही ये पण्डित,
का मान दिलाने वाली है।।


टोपी पहन सलामी,
अपने झण्डे को हम देते हैं।
राष्ट्र हेतु मर-मिटने का प्रण,
हम खुश होकर लेते है।।
(चित्र गूगल से साभार)

5 टिप्‍पणियां:

  1. शायद तभी आज के नेता टोपी पहनने में हिचकिचाते हैं.
    आपका ब्लॉग खुलने में 'इन्टरनेट एक्स्प्लोरर' में कुछ दिक्कत आ रही है.

    जवाब देंहटाएं
  2. आपकी टोपी महिमा की कविता भी बडी शानदार है. धन्यवाद.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  3. यह भी बालगीत ही है!

    और

    हर बार की तरह यह भी अच्छा है!

    जवाब देंहटाएं
  4. टोपी की हर बात निराली,
    टोपी है सौगात निराली!
    जिसके सिर पर सज जाती यह,
    करता वह हर मात निराली!

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

समर्थक

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails