"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

फ़ॉलोअर

मंगलवार, 26 मई 2009

‘‘भँवरा’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


गुन-गुन करता भँवरा आया।

कलियों-पुष्पों पर मंडराया।।

यह गुंजन करता उपवन में।

गीत सुनाता है कानन में।।

कितना काला इसका तन है।

किन्तु बड़ा ही उजला मन है।।

जामुन जैसी शोभा न्यारी।

खुशबू इसको लगती प्यारी।।

यह फूलों का रस पीता है।

मीठा रस पीकर जीता है।।
(चित्र गूगल सर्च से साभार)

9 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया रचना, शास्त्री जी.

    जवाब देंहटाएं
  2. रचना अच्छी लगी।
    आपके बालगीत अथवा बच्चों से संबन्धित अन्य सामग्री का बालसभा (http://balsabhaa.blogspot.com ) पर स्वागत है।

    जवाब देंहटाएं
  3. बड़े भाई ,
    बहुत सुन्दर मनमोहक
    रचना के लिए बधाई.

    जवाब देंहटाएं
  4. मंयक जी इतनी बडिया रचना है किहमारे मन को महका् दिया बचे तो इसे पढ कर झूम उठेंगे बधाइ

    जवाब देंहटाएं
  5. आज तो सुबह सुबह मन मयुर झूम ऊठा. बहुत सुंदर रचना.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  6. भँवरे की गुनगुन बहुत ही मीठी है .

    जवाब देंहटाएं
  7. लाजवाब शास्त्री जी............आपका लिखा दिल को बहुत ही अच्छा लगता है .......

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails