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गुरुवार, 3 सितंबर 2009

‘‘आज शिक्षक दिवस है’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

विद्याएँ लुप्तप्रायः
छात्र कहाँ जायें

शिक्षा का शोर
ट्यूशन का जोर

सजी हैं दूकानें
लोग लगे हैं कमाने-खाने

गुरू गायब
विद्यालयों की भरमार
जगत-गुरू के
अच्छे नही हैं आसार

ज्ञान की अमावस है
आज शिक्षक दिवस है

नोट- यह रचना 5 सितम्बर को प्रकाशित होनी थी,
परन्तु भूलवश् आज 3 सितम्बर को ही हो गयी है।
सखेद!

12 टिप्‍पणियां:

  1. 3 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाने, याद करवाने, शिक्षक की यथास्थिति बताने के लिए शुक्रिया।
    शिक्षक का सच्चा सम्मान तभी है जब एक राष्ट्रपति शिक्षक बन जाए।
    शिक्षक के राष्ट्रपति वो भी भारत का होने पर कोई ज्यादा अंतर नहीं रहता।
    यह मेरा अज्ञान भी हो सकता है।
    आप बड़े हैं और बड़ों की बातों को बिना किसी तर्क के मान लेना चाहिए यह भी आपसे सीखा है
    क्योंकि तर्क यदि अन्यथा ले लिया जाए तो ठीक नहीं रहता।
    शिक्षक:
    लिंकन के पत्र की याद आ जाती है जब अध्यापक की बात आ जाती है।
    शास्त्री जी आपको क्या कहें आप अंथक हैं और आदर्श शिक्षक हैं।।
    फिर क्यों ऐसे निक्कमें अध्यापकों की याद आ जाती है।
    अपना धर्म हमें निभाना है, अपने बच्चों को अध्यापक बनने के लिए उकसाना है।।
    बने चाहे डाक्टर या इंजीनियर उन्हें यही पाठ पढाना है।
    तुमने जो भी कर्म कमाना है बय अध्यापक बन दिखलाना है।
    महोदय,
    अध्यापक दिवस पर सम्मानित करने वाले कभी अपने बच्चों को अध्यापक नहीं बनने देना चाहते क्योंकि
    अध्यापक बेचारा है उनकी नजर में।
    डी.सी. जिसे अध्यापक ने बनाया वही उसको सैस्पैंड करता है।
    इसलिए आओ हम अपने बच्चों को अध्यापक होने का गर्व जतांए।।
    अध्यापक की बात कर अध्यापक का संस्कार बन अध्यापक की आवाज़ बन
    इनके रक्त में रम जांए।
    आओ हम अध्यापक बन जांए आओ हम अध्यापक बनांए।

    जवाब देंहटाएं
  2. मयंक जी आपकी रचना आज के संदर्भ मे सही है और आचार्य रामेश जी के विचार भी बिलकुल सही हैं। यही जज़्वा हो सब मे तो देश से अग्यान मिट जायेगा बधाई अध्यापक दिवस पर

    जवाब देंहटाएं
  3. सच की ओर जाती हुई कविता,
    बधाई!!

    जवाब देंहटाएं
  4. बिल्कुल सच्चाई बयान किया है आपने! बहुत अच्छी लगी आपकी ये रचना!

    जवाब देंहटाएं
  5. अपने देश में कौन चाहता है की एक शिक्षक राष्ट्रपति बने , या एक राष्ट्रपति शिक्षक बने !?
    डा.कलाम को दुबारा मौका दिया गया क्या ?
    नहीं .... क्यों ??
    सीधा सा जवाब है अगर शिक्षक राष्ट्रपति होगा तो ज्ञान की बात करेगा, अपने विवेक से निर्णय लेगा और यहाँ लोगो को 'रबड़ स्टांप राष्ट्रपति' चाहिए जो जहाँ वो बोले वहाँ मोहर लगा दे |

    खैर फ़िर भी,


    शिक्षक दिवस पर नमन सब गुरुजनों को |

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  6. बेहद सुन्दर रचना........ऐसे ही लिखते रहे

    जवाब देंहटाएं
  7. सच्चाई बयां करती है आपकी ये रचना ...सुन्दर

    जवाब देंहटाएं
  8. ज्ञान की अमावस है आज शिक्षक दिवस है

    kya khoob likha hai aur satya likha hai........aaj shiksha ka vyavsayikaran ho gaya hai ........na aaj pahle jaise shikshak hain aur na hi shishya.

    जवाब देंहटाएं
  9. शिक्षक दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं।
    ( Treasurer-S. T. )

    जवाब देंहटाएं
  10. AB TO SHAAYAD ISI KO SHIKSHAA DIVAS KAHTE HAIN .... SACH KAHA ... AAJ JAROORAT FIR SE US VISHVAAS KO PAIDA KARNE KI HAI ,..... SOCHNE WAALA VISHAY CHUAA HAI AAPNE ...

    जवाब देंहटाएं
  11. hamara bharat ..jagad guru.... kya kabhi fhir vahi garv ka ahsas Bhartiya kar payenge..?

    जवाब देंहटाएं
  12. शिक्षा आज व्यापार ही बन गयी है , इसलिए आज बच्चों में अपने शिक्षकों के लिए आदर नहीं है ...
    अच्छी रचना!

    जवाब देंहटाएं

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