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गुरुवार, 3 सितंबर 2009

‘‘मिटा देंगे पल भर में भूगोल सारा’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)



अमन का चमन ये वतन है हमारा।
नही दानवों का यहाँ है गुजारा।।


खदेड़ा हैं गोरों को हमने यहाँ से,
लहू दान करके बगीचा सँवारा।


बजें चैन की वंशियाँ मन-सुमन में,
नही हमको हिंसा का आलम गवारा।


दिया पाक को देश का पाक हिस्सा,
अनुज के हकों को नही हमने मारा।


शुरू से सहा आज तक सह रहे हैं,
छोटा समझ कर दिया है सहारा।

दरियादिली बुजदिली मत समझना,
समझदार बन कर समझना इशारा।


हिदायत हमारी है सीमा न लाँघो,
मिटा देंगे पल भर में भूगोल सारा।

16 टिप्‍पणियां:

  1. हिदायत हमारी है सीमा न लाँघो,
    मिटा देंगे पल भर में भूगोल सारा।

    सर ! आज मुझे शब्द नहीं मिल रहे कुछ कहने को...आपकी कविता ने जोश से भी भर दिया और आँखें भी नम कर दीं...बस.hats off to you.

    जवाब देंहटाएं
  2. इस ओजस्वी रचना के लिये आपको सलाम.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  3. हिदायत हमारी है सीमा न लाँघो,
    बहुत ज़ायज़ चेतावनी है.
    बेहतरीन रचना
    ओजस्वी भी

    जवाब देंहटाएं
  4. दिया पाक को देश का पाक हिस्सा,
    अनुज के हकों को नही हमने मारा।

    bahut hi sahi kaha aapne......... hamne to apna paak hissa de diya........ aur waise bhi hamare sanskriti mein choton ka haq maarna gunaah hai........ to hane apne choton ka haq nahi maara........ yahi hamara badappan hai.......

    deshbhakti ki ek misaal pesh karti hai yeh kavita........

    shabd nahi mil rahe hain........ kahne ko ......


    dhanyawaad.........

    charansparsh.......

    जवाब देंहटाएं
  5. आज इसी तेवर में बात करनी है ज़माने से
    वाह !
    बहुत ख़ूब !

    जवाब देंहटाएं
  6. क्या कहूँ इस रचना के बारे मे, लाजवाब............

    जवाब देंहटाएं
  7. हिदायत हमारी है सीमा न लाँघो,
    मिटा देंगे पल भर में भूगोल सारा।
    वाह हमेशा की तरह से एक जिन्दा दिल कविता.
    धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं
  8. डॉक्टर साब,
    सिर्फ़ ४८ घंटे मांगे थे "सैम बहादुर " ने १९७१ की ज़ंग में , नहीं दिए सरकार ने | जो दे दिए होते तो आज पाकिस्तान हिंदुस्तान में होता और १९४७ में की हुयी नेहरू की भूल का सुधार उनकी ही बेटी के हाथो १९७१ में हो गया होता |

    वैसे बेहद उम्दा कविता है |

    जवाब देंहटाएं
  9. देशभक्ति को आपने बखूबी शब्दों में पिरोया है! लाजवाब रचना!

    जवाब देंहटाएं
  10. शानदार लिखा है | यही जज्बा हमें औरों से महान बनता है |

    जवाब देंहटाएं
  11. हिदायत हमारी है सीमा न लाँघो, मिटा देंगे पल भर में भूगोल सारा।

    kya baat hai.. Aap sach main shabdo ke dhani hai..

    जवाब देंहटाएं
  12. waah........deshbhakti se paripoorna rachna.........soto ko bhi jaga de......dushman ke iradon ko hila de..........lajawaab likha hai.

    जवाब देंहटाएं
  13. veer ras se bhari rachana ..padhkar rakt sanchar tej ho gaya. ...bahut bahut badhai...

    जवाब देंहटाएं

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