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बुधवार, 30 सितंबर 2009

"हो नही सकता" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

श्रीमती अमर भारती जी!
!! आपको जन्म-दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ !!



भारती के जन्म-दिन को मैं मनाना भूल जाऊँ,
स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।
इक सलोना नीड़ सुख का मैं बनाना भूल जाऊँ,
स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।


तुम्ही से है जिन्दगी, तुम सृजन का संसार हो,
गीत, गज़लों, कल्पनाओं का तुम्ही आधार हो,
प्रीत के गुंथित सुमन को सर चढ़ाना भूल जाऊँ,
स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।


बदरंग से इस ठूँठ को तुमने लताओं से सवाँरा,
रंज-ओ-गम के दौर में तुमने दिया इसको सहारा,
प्यार के उपहार को,आभास को मैं भूल जाऊँ,
स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।


देह के इस गेह में जब तक रहेंगे प्राण मेरे,
लेखनी बन कर चलेंगे तरकशों से बाण मेरे,
भारती की आरती को अर्चना को भूल जाऊँ,
स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।


20 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय डॉ. शास्त्री साहब,

    हमारी ओर से भी जन्मदिन की बधाईयाँ, आपकी स्वीकरोक्ती ही सबसे बड़ा उपहार होगा :-

    तुम्ही से है जिन्दगी, तुम सृजन का संसार हो,
    गीत, गज़लों, कल्पनाओं का तुम्ही आधार हो,
    प्रीत के गुंथित सुमन को सर चढ़ाना भूल जाऊँ,
    स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।

    बहुत ही सुन्दर काव्य रचना।

    सादर,

    मुकेश कुमार तिवारी

    जवाब देंहटाएं
  2. सुन्दर रचना शास्त्री जी मेरी तरफ से भी बधाई स्वीकार करे .

    जवाब देंहटाएं
  3. तुम्ही से है जिन्दगी, तुम सृजन का संसार हो,
    गीत, गज़लों, कल्पनाओं का तुम्ही आधार हो,
    प्रीत के गुंथित सुमन को सर चढ़ाना भूल जाऊँ,
    स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।

    मेरी तरफ से भी भारती जी को जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाये , शास्त्री जी !

    जवाब देंहटाएं
  4. apni zindagi ko koi bhool jaye
    saans lena koi bhool jaye
    dhadkanon ka spandan koi bhool jaye
    aur bharti ji ko shastri ji kabhi bhool jayein
    swapn mein bhi yeh kabhi ho nhi sakta

    BHARTI JI
    JANAMDIN KI HARDIK SHUBHKAMNAYEIN

    जवाब देंहटाएं
  5. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  6. शास्त्री जी मेरी तरफ से भी बधाई स्वीकार करे|

    जवाब देंहटाएं
  7. भारती जी के जन्‍मदिन हम बधाई। बधाई के पात्र आप भी है, आपने सात्विक प्रेम को उजागर कर दिया।

    जवाब देंहटाएं
  8. प्रीत के गुंथित सुमन को सर चढ़ाना भूल जाऊँ,
    स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।

    सुन्दर रचना!!!!

    भारती जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई!!!

    जवाब देंहटाएं
  9. मयंख जी हम भी अमर भारती जी को बधाई न दें ये हो नहीं सकता तो हमारी मिठाई तैयार रखियेगा जब आयेंगे तो जरूर खायेंगे ।जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें
    तुम्ही से है जिन्दगी, तुम सृजन का संसार हो,
    गीत, गज़लों, कल्पनाओं का तुम्ही आधार हो,
    प्रीत के गुंथित सुमन को सर चढ़ाना भूल जाऊँ,
    स्वप्न में भी यह कभी भी हो नही सकता।
    इतना सुन्दर तोहफा और क्या हो सकता है बधाई आपके सारे परिवार को

    जवाब देंहटाएं
  10. अमर भारती जी को हमारी तरफ़ से भी जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई, आप की कविता ने इस जन्म दिन को ओर भी सुंदर बना दिया.
    धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं
  11. Smt AMAR BHARTI JE KO UNKE JANMDIN PAR APKA ANMOL TOHFA ..........PADH KAR ACCHA LAGA.....MERE PARIVAR KI TARAF SE HARDIK SUBHKAMNAYEN....

    जवाब देंहटाएं
  12. मेरे पूरे परिवार की ओर से शुभकामनायें.

    जवाब देंहटाएं
  13. बहुत बहुत बधाई। हमारी ओर से भी।

    जवाब देंहटाएं
  14. बहुत ही सुंदर रचना लिखा है आपने! भरती जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें!

    जवाब देंहटाएं
  15. इस सुन्दर काव्य रचना की प्रेरणा को जन्मदिन की बहुत शुभकामनायें ..!!

    जवाब देंहटाएं
  16. जन्‍मदिन पर स्‍वीकार करें मेरी भी मंगलकामनायें
    कविता ने जन्‍मदिन पर स्‍वर्ण भाव उपजा दिए
    अंतर्मन झंकार दिए और भाव शब्‍द संवार दिए
    जन्‍मदिन के बहाने इतने सुंदर से विचार दिए

    जवाब देंहटाएं
  17. अमर भारती जी के प्रति आपके सहज भावों की इस अभिव्यक्ति से मेरी जीवन के प्रति आस्था बढ़ गई है । उन्हे मेरा नमन एवं हार्दिक शुभकामनायें ।

    जवाब देंहटाएं
  18. देर से पहुँची हूँ , मेरी बधाई भी स्वीकारें , आपके भावों को नमन करती हूँ |

    जवाब देंहटाएं

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