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बुधवार, 9 सितंबर 2009

हमारा देश निराला!! (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

हमारा देश निराला!!
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20 टिप्‍पणियां:

  1. सारे भाव बड़े दमदार,
    कविता है बिल्कुल मजेदार,
    बधाई!!

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  2. बिलकुल सही कहा है अब त्यौहार् फीके लगते हैं सुन्दर रचना के लिये बधाई

    जवाब देंहटाएं
  3. शास्त्री जी,
    सुन्दर रचना के लिये बधाई|

    जवाब देंहटाएं
  4. सत्य को उजागर करती रचना………………………ऐसा ही है हमारा देश्…………यहाँ कुछ भी हो सकता है।

    जवाब देंहटाएं
  5. बिल्कुल सच्चाई बयान किया है आपने! बहुत अच्छी लगी आपकी ये रचना! अत्यन्त सुंदर!

    जवाब देंहटाएं
  6. ITNA SAB KE BAVAJOOD SACH MEIN HAMAARA DESH NIRAALA HAI ...... KAMAAL KA LIKA HAI SHASHTRI JI .... PRANAAM HAI AAPKO ...

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  7. सुंदर रचना .. सचमुच हमारा देश निराला ही है !!

    जवाब देंहटाएं
  8. इसमें तो कोई शक ही नहीं कि हमारा देश निराला है।
    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

    जवाब देंहटाएं
  9. दुषित है नदियो के धार ,
    हमारा देश निराला.
    बहूत सही बात

    जवाब देंहटाएं
  10. आप ने बिलकुल सही फ़रमाया, बहुत अच्छी लगी आप की यह कविता.
    धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं
  11. वाह.. कविता जितनी गहरी है, पोस्टिंग का अंदाज भी उतना ही निराला.. हैपी ब्लॉगिंग

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  12. पोस्ट का नया तरीका, कविता एकदम सच, बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  13. waaqai mein mehengai..... ne tyohaar bhi pheeke kar diye......... hain.......

    bahut hi khoobsoorti...........se..... aajke sandarbh ko dikhaya hai aapne........

    dhanyawaad.......



    aapne yeh posting foto frame kaise ki....... hai?????

    जवाब देंहटाएं

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