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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

दोहे "कीर्तिमान सब ध्वस्त" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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कोरोना के काल में, ऐसी मिली शिकस्त।
महँगाई ने कर दिये, कीर्तिमान सब ध्वस्त।।
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ईंधन महँगा हो रहा, जनता है लाचार।
बिचौलियों के सामने, बेबस है सरकार।।
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दोनों हाथों से रहे, दौलत लोग समेट।
फिर भी भरता है नहीं, उनका पापी पेट।।
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दुख आये या सुख मिले, रखना मृदुल स्वभाव।
कर देते कड़वे वचन, सीधा दिल पर घाव।।
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जिसका होता है उदय, उसका होता अस्त।
अंग बुढ़ापे में सभी, हो जाते हैं पस्त।।
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सबको सुख है बाँटता, सुन्दर विमल-वितान।
जाना पड़ता छोड़कर, जब होता अवसान।।
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बिखरे हैं संसार में. भाँति-भाँति के रंग।
देश-काल अनुसार ही, रखना अपने ढंग।।
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15 टिप्‍पणियां:

  1. देखिये यही है गीता का समत्व भाव ,कृष्ण की अर्जुन को सीख जिसका जन्म हुआ है वह मृत्यु को भी अवश्य प्राप्त फिर भी तेरे शोक करने का कोई कारण नहीं है :
    दुख आये या सुख मिले, रखना मृदुल स्वभाव।
    कर देते कड़वे वचन, सीधा दिल पर घाव।।
    --
    जिसका होता है उदय, उसका होता अस्त।
    अंग बुढ़ापे में सभी, हो जाते हैं पस्त।।
    बेहतरीन सांगीतिक रचना शास्त्री जी की बधाई क्यों न आप गीता का सार दोहावली और गीतों में अभिव्यक्त करें -जो चांडाल ,स्वान में ,ब्रह्मज्ञानी ब्राह्मण में फर्क नहीं देखता समदृष्टि रखता है वास्तव में वही देखता है।
    veerujan.blogspot.com

    जवाब देंहटाएं
  2. सुन्दर संदेश पूर्ण दोहे..

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर नीतिपरक दोहे ।

    जवाब देंहटाएं
  4. सुंदर सन्देश देते दोहे।

    जवाब देंहटाएं
  5. दुख आये या सुख मिले, रखना मृदुल स्वभाव।
    कर देते कड़वे वचन, सीधा दिल पर घाव।।


    सुन्दर संदेश देते दोहे....

    जवाब देंहटाएं
  6. समसामयिक समस्याओं को प्रतिबिंबित करते दोहे
    साधुवाद आदरणीय 🙏

    सादर,
    डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  7. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (२०-०२-२०२१) को 'भोर ने उतारी कुहासे की शाल'(चर्चा अंक- ३९८३) पर भी होगी।

    आप भी सादर आमंत्रित है।
    --
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
  8. दोनों हाथों से रहे, दौलत लोग समेट।
    फिर भी भरता है नहीं, उनका पापी पेट।।
    ...सच कमबख्त दौलतखोरों की दौलत की भूख कभी खत्म ही नहीं होती

    बहुत अच्छी सामयिक रचना प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  9. सुंदर संदेश देती रचना आदरणीय सर,सादर नमन

    जवाब देंहटाएं
  10. सुंदर ! यथार्थ पर प्रेरक सृजन सुंदर भाव पूर्ण।
    अप्रतिम।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  11. बहुत सुन्दर यथार्थ को दर्शाता दोहा अति उत्तम।

    जवाब देंहटाएं

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