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शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

गीत "गाता है ऋतुराज तराने" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

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वासन्ती मौसम आया है,
प्रीत और मनुहार का।
गाता है ऋतुराज तराने,
बहती हुई बयार का।।
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पंख हिलाती तितली आयी,
भँवरे गुंजन करते हैं,
खेतों में कंचन पसरा है,
हिरन कुलाँचे भरते हैं,
टेसू हुआ लाल अंगारा,
बरस रहा रँग प्यार का।
गाता है ऋतुराज तराने,
बहती हुई बयार का।।
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नीड़ बनाने को पक्षीगण,
तिनके चुन-चुनकर लाते,
लटके गुच्छे अंगूरों के,
सबके मन को भरमाते,
कल-कल, छल-छल का स्वर भाता
गंगा जी की धार का।
गाता है ऋतुराज तराने,
बहती हुई बयार का।।
--
झड़बेरी पर बेर आ गये,
पेड़ों पर नव पल्लव हैं,
शाम-सवेरे अपने घर में,
पंछी करते कलरव हैं,
धन्यवाद करते हैं सारे,
ईश्वर के उपकार का।
गाता है ऋतुराज तराने,
बहती हुई बयार का।।
--
कलियों पर निखार आया है,
फूलों पर छाया यौवन,
चहक रहे हैं बाग-बगीचे,
महक रहा खिलता उपवन,
ढंग निराला होता जग में,
होली के त्यौहार का।
गाता है ऋतुराज तराने,
बहती हुई बयार का।।

--

12 टिप्‍पणियां:


  1. जय मां हाटेशवरी.......

    आप को बताते हुए हर्ष हो रहा है......
    आप की इस रचना का लिंक भी......
    28/02/2021 रविवार को......
    पांच लिंकों का आनंद ब्लौग पर.....
    शामिल किया गया है.....
    आप भी इस हलचल में. .....
    सादर आमंत्रित है......


    अधिक जानकारी के लिये ब्लौग का लिंक:
    https://www.halchalwith5links.blogspot.com
    धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं
  2. आदरणीय सर ,
    शुभता और आनंद से भरी हुई रचना। वसंत ऋतू में माँ प्रकृति का श्रृंगार और चहुँ -ओर शुभता और कृतग्यता का वातावरण आनंद से भर रहा है। वसंत ऋतू हम सब के लिए सुख- समृद्धि व उल्लास लेकर आये।
    हार्दिक आभार इस सुंदर रचना के लिए व आपको प्रणाम।

    जवाब देंहटाएं
  3. बसंत बौराया है ! आने वाले समय में और बौराए इसकी जिम्मेदारी हमारी है

    जवाब देंहटाएं
  4. बसंत की खूबसूरती का मनोहारी चित्रण..

    जवाब देंहटाएं
  5. वन्दन
    सुन्दर भावाभिव्यक्ति
    उम्दा रचना

    जवाब देंहटाएं
  6. प्रकृति की सुन्दरता समेटे मनोहारी गीत ।

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुमुखी विधा को प्रगट करती हैं आपकी रचनाएं - - साधुवाद सह।

    जवाब देंहटाएं
  8. झड़बेरी पर बेर आ गये,
    पेड़ों पर नव पल्लव हैं,
    शाम-सवेरे अपने घर में,
    पंछी करते कलरव हैं,

    सुंदर चित्रण वसंत का .... प्रणाम आदरणीय 🙏
    सादर,
    डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं

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