"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

फ़ॉलोअर

मंगलवार, 9 फ़रवरी 2021

दोहे "चॉकलेट देकर नहीं, उगता दिल में प्यार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

--
भोली चिड़ियों के लिए
लाये नये रिवाज़।
चॉकलेट को चोंच मेंलेकर आये बाज़।।
--
रंग पश्चिमी ढंग काअपना रहा समाज।
देते मीठी गोलियाँमित्रों को सब आज।।
--
मन में भेद भरा हुआमुख में भरा मिठास।
कृत्रिम सुमनों में भलाहोगी कहाँ सुवास।।
--
जहाँ चुभन देने लगेपालक बनकर शूल।
बोलो कैसे सुमन कामन होगा अनुकूल।।
--
चॉकलेट देकर नहींउगता दिल में प्यार।
केवल मतलब के लिएहोती है मनुहार।।
--
मीठी सी सौगात देबढ़ो प्रणय की राह।
बढ़ती है विश्वास सेमधुर मिलन की चाह।।
--

10 टिप्‍पणियां:

  1. मन में भेद भरा हुआ, मुख में भरा मिठास।
    कृत्रिम सुमनों में भला, होगी कहाँ सुवास।।
    --
    बहुत खूब..
    सादर प्रणाम

    जवाब देंहटाएं
  2. हर दोहा एक सुन्दर सन्देश दे रहा है..सादर अभिवादन आपको शास्त्री जी..

    जवाब देंहटाएं
  3. मीठी सी सौगात दे, बढ़ो प्रणय की राह।
    बढ़ती है विश्वास से, मधुर मिलन की चाह।।

    सही कहा है....सुंदर दोहे

    जवाब देंहटाएं
  4. व्यंग्य और तंज दोनो ।
    बहुत सुंदर आदरणीय।

    जवाब देंहटाएं
  5. भोली चिड़ियों के लिए, लाये नये रिवाज़।
    चॉकलेट को चोंच में, लेकर आये बाज़।।
    हमारी युवा पीढ़ी और किशोर वय के बच्चे चेतावनी को समझ जाएँ तो अच्छा है।

    जवाब देंहटाएं
  6. वाह!लाजवाब सर।

    भोली चिड़ियों के लिए, लाये नये रिवाज़।
    चॉकलेट को चोंच में, लेकर आये बाज़।।..वाह!

    जवाब देंहटाएं
  7. भोली चिड़ियों के लिए, लाये नये रिवाज़।
    चॉकलेट को चोंच में, लेकर आये बाज़।

    –शेर नया लगा

    वन्दन के संग साधुवाद

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails