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बुधवार, 1 अप्रैल 2009

‘‘मूर्खाधिराज का प्रोफाइल नही मिला।’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘‘मयंक’’)

कुछ ब्लागर्स ने अपने ब्लाग पर कमेन्ट माडरेशन किया हुआ है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह एक अच्छा प्रयास माना जायेगा। परन्तु देखा यह गया है कि निम्न-स्तर के और घटिया या अश्लील कमेन्ट्स को भी हम प्रकाशित कर ही देते हैं। फिर उसकी टिप्पणी पर लेख लिख कर मुलम्मा चढ़ा देते हैं।

अगर सीधे शब्दों में कहा जाये कि तो हमारे ब्लागर मित्र एक घटिया किस्म के मूर्ख को भी महिमा मण्डित कर देते हैं। साथ ही यह भी लिख देते हैं कि इन मूर्खाधिराज का प्रोफाइल नही मिला।

मेरी तो समझ में यह नही आ रहा है कि इनकी टिप्पणी को प्रकाशित ही क्यों किया गया? जबकि आपके ब्लाग पर माडरेशन सक्षम था।

पुराने ब्लागर्स को यह सब पता ही होता है कि किन ब्लागर्स की टिप्पणियाँ संयत होती हैं, शालीनता से परिपूर्ण होती हैं और किनकी टिप्पणियों को आँख बन्द करके प्रकाशित किया जा सकता है।

यद्यपि मैंने अपने ब्लाग पर कमेन्ट माडरेशन लागू नही किया हुआ है। जिसके कारण मुझे भी कुछ अनाम मूर्खों ने अपनी अश्लील टिप्पणियों से नवाजा था। क्योंकि मेरे पास अपने ब्लाग पर टिप्पणियों को हटाने का अधिकार प्राप्त है। इसलिए मैंने इन मूर्खों की टिप्पणियों को निकाल बाहर किया और किसी से चर्चा भी नही की।

ऐसा ही अधिकार हर ब्लाग स्वामी के पास है।

अतः मेरा सुझाव यह है कि निम्न-स्तर के और घटिया या अश्लील कमेन्ट्स को ज्यादा महत्व न दें। ऐसे घटिया किस्म के मूर्खों को महिमा मण्डित करने का अर्थ यह होगा कि हम अन्तर्-जाल में ब्लाग के पण्डित होकर भी अपनी अज्ञानता का परिचय दे रहे हैं।

प्रिय ब्लागर मित्रों।

अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस पर मेरी इस मूर्खतापूर्ण सलाह को आप अधिक गम्भीरता से न लें। यदि इस सलाह से किसी ब्लागर मित्र के दिल या उनके सम्मान को कोई ठेस पहुँची हो तो मैं इसके लिए बिना किसी संकोच के उनसे बारम्बार क्षमा प्रार्थी हूँ।

अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस की शुभकामनाओं के साथ- क्षमा का पात्र, आपका ।

17 टिप्‍पणियां:

  1. हा....हा...हा...हा..हा...इक् मुर्ख की बात पर दुजै मुर्ख को तो मज़ा आना ही ठहरा.....सो मुझे भी मज़ा आ गया.....चलो आज के मुर्खाधिराज आपको ही बना दिया....लीजिये....ये रही आपकी टोपी.... लेकिन सिर्फ आज तक के लिए.....बाकी का पुरे साल तो ये पदवी मेरी ही है.....!!हा..हा..हा..हा..हा..!!

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  2. ha ha hum to seriously padh rahe thay,ab last mein fool bana diye gaye:) mazedar post

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  3. अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस की
    बधायी स्वीकार करें।

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  4. अच्छी बखिया उधेड़ी है सर जी!
    अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस की
    आपको शुभकामना।

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  5. मूर्ख दिवस पर आपकी सलाह सही है।
    फस्ट अप्रैल मुबारक हो।

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  6. नपे-तुले शब्दों में अच्छा प्रहार किया है।
    मूर्ख दिवस की बधाई भी तो ले लो।

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  7. पड़ोसी द्वारा घर में फेंके गये कूड़े को जो शहर भर में ढिंढोरा पीट-पीटकर दिखाता फिरे वह मूर्ख ही है! बहुत ही अनुकूल समय पर बढ़िया लेख!

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  8. शास्त्री जी,
    आपकी बात सोलहों आने सही है.

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  9. aapp aise hi hum sab par krapa banaye rakhe.dhanybaad.hum aap ki salaah ko mazaak mein nahin le rahe hain.

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  10. प्रिय डाक्टर,

    आप ने कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं. आभार.

    सारथी पर एक विशेष प्रकार का माडरेशन है जिसके तहत पहली बार टिप्पणी करने वाले को एप्रूव करना होता है. उसके बाद उस व्यक्ति की टिप्पणी अपने आप प्रकाशित होती है.

    यह सुविधा सिर्फ वर्डप्रेस देता है.

    आप ने यह भी सही कहा कि मूर्खों की टिप्पणियों को अधिक महत्व न दिया जाये.

    सस्नेह -- शास्त्री

    -- हर वैचारिक क्राति की नीव है लेखन, विचारों का आदानप्रदान, एवं सोचने के लिये प्रोत्साहन. हिन्दीजगत में एक सकारात्मक वैचारिक क्राति की जरूरत है.

    महज 10 साल में हिन्दी चिट्ठे यह कार्य कर सकते हैं. अत: नियमित रूप से लिखते रहें, एवं टिपिया कर साथियों को प्रोत्साहित करते रहें. (सारथी: http://www.Sarathi.info)

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  11. सारथी जी, टिप्पणी मौडरेशन का ये वर्डप्रेस वाला तरीका नया पता चला! जानकारी के लिये धन्यवाद!

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  12. आपकी यह राय बिलकुल सही है. अवसर आपने अच्छा चुना अपनी बात कहने का, जबकि मेरी तरह कई लोग सब समझते हुए भी कुछ बोलने से कतराते रहे.

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  13. बहुत उत्तम सुझाव और आपको बधाई इस प्रफ़ुल्लता (मुर्ख) दिवस की. मेरा मानना है कि प्रफ़ुल्ल आज के समय मे मुर्ख ही रह सकता है. बाकी सबकी अपनी २ सोच है.

    रामराम.

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  14. आपको पहला इनाम मिला है ! रसीद भिजवा देना !

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  15. murkhon ka to profile hota hi nhi.........bahut badhiya likha hai aur salah bhi sahi di hai.

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  16. देर से ही सही आपको भी बधाई ।

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