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रविवार, 26 जुलाई 2009

‘‘झूला झूलें सावन में।’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)



पेंग बढ़ाकर नभ को छू लें, झूला झूलें सावन में।
मेघ-मल्हारों के गाने को, कभी न भूलें सावन में।।

मँहगाई की मार पड़ी है, घी और तेल हुए महँगे,
कैसे तलें पकौड़ी अब, पापड़ क्या भूनें सावन में।
मेघ-मल्हारों के गाने को, कभी न भूलें सावन में।।

हरियाली तीजों पर, कैसे लायें चोटी-बिन्दी को,
सूखे मौसम में कैसे, अब सजें-सवाँरे सावन में।
मेघ-मल्हारों के गाने को, कभी न भूलें सावन में।।

आँगन से कट गये नीम,बागों का नाम-निशान मिटा,
रस्सी-डोरी के झूले, अब कहाँ लगायें सावन में।
मेघ-मल्हारों के गाने को, कभी न भूलें सावन में।।


13 टिप्‍पणियां:

  1. झूला झूलें सावन में ..पढ़ कर मन कर गया है झूलने का । नाग पंचमी की शुभकामनायें ।

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  2. वाह मयंक जी खूब रंग बिखेरे सावन में।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

    उत्तर देंहटाएं
  3. आँगन से कट गये नीम,बागों का नाम-निशान मिटा,
    रस्सी-डोरी के झूले, अब कहाँ लगायें सावन में।
    ==
    सार्थक चिंता - बहुत अच्छी रचना

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर रचना .. सचमुच समस्‍याएं ही समस्‍याएं हैं इस सावन में !!

    उत्तर देंहटाएं
  5. waah waah........sawan ka itna manbhavan geet padhkar mazaa aa gaya

    उत्तर देंहटाएं
  6. आँगन से कट गये नीम,बागों का नाम-निशान मिटा,
    रस्सी-डोरी के झूले, अब कहाँ लगायें सावन में

    mousam की thandi fuhaar के साथ कितनी sarthak, sachee बात कह दी............... लाजवाब है Shashtri जी

    उत्तर देंहटाएं
  7. सही फ़रमाया आपने...इस सूखे मौसम में अब कहाँ आनंद आता है सावन में

    उत्तर देंहटाएं
  8. हरियाली तीजों पर, कैसे लायें चोटी-बिन्दी को,
    सूखे मौसम में कैसे, अब सजें-सवाँरे सावन में।
    मेघ-मल्हारों के गाने को, कभी न भूलें सावन में।।

    bahut hi sundar bhav.badhai!!!!

    उत्तर देंहटाएं
  9. शास्त्रीजी,
    सावन में सामयिक चिंता करता हुआ यह गीत प्रीतिकर लगा. जिन वृक्षों पर सावन में झूला डाला जाता था, वही कटा पाया गया, उफ ! इस सावन का क्या करे कवि ? पेड़ और पर्यावरण की फिक्र रचना को सार्थकता प्रदान करती है. बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  10. अब तो दाल-रोटी भी नसीब नहीं सावन में.

    उत्तर देंहटाएं
  11. इतना ख़ूबसूरत रचना लिखा है आपने कि झूलने का मन कर रहा है!

    उत्तर देंहटाएं

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