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गुरुवार, 23 जुलाई 2009

"जीत की गन्ध आने लगी हार में" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


कितनी ताकत छिपी शब्द की धार में।
जीत की गन्ध आने लगी हार में।।

वो तो बातों से नश्तर चुभोते रहे,
हम तो हँसते हुए, घाव ढोते रहे,
घात ही घात था उनके हर वार में।
जीत की गन्ध आने लगी हार में।।

मेरे धीरज को वो आजमाते रहे,
हम भी दिल पर सभी जख्म खाते रहे,
पीठ हमने दिखाई नही प्यार में।
जीत की गन्ध आने लगी हार में।।

दाँव-पेंचों को वो आजमा जब चुके,
हार थक कर के अब वार उनके रुके,
धार कुंठित हुई उनके हथियार मे।
जीत की गन्ध आने लगी हार में।।

संग-ए-दिल बन गया मोम जैसा मृदुल,
नेह आया उमड़ सिन्धु जैसा विपुल,
हार कर जीत पाई थी उपहार में।
जीत की गन्ध आने लगी हार में।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. जीत की गंध आने लगी हार में..

    बहुत खूब कहा आपने.. आभार

    जवाब देंहटाएं
  2. जीत की गंध आने लगी हार में॥...
    वाह बहुत बढ़िया लगा ये लाइन मुझे! बहुत ख़ूबसूरत रचना!

    जवाब देंहटाएं
  3. संग-ए-दिल बन गया मोम जैसा मृदुल,
    नेह आया उमड़ सिन्धु जैसा विपुल,
    हार कर जीत पाई थी उपहार में।
    जीत की गन्ध आने लगी हार में।।

    shabdo ka sundar pryog koi aapse sikhe..
    bahut badhiya kavita..
    badhayi

    जवाब देंहटाएं
  4. waah waah

    peeth aapne nahin dikhaai pyaar me
    isiliye
    jeet ki gandh aane lagi haar me
    GAZAB
    GAZAB HAI SAHEB
    ____________BADHAAI !

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत खूब शास्त्री जी ,
    जिसे काट न पाए तलवार से,
    झटके में काट डाला प्यार से,
    शब्दों का व्यूह, है ही कुछ ऐसा
    जहां जीत महसूस होती हार से

    जवाब देंहटाएं
  6. जीत की गंध आने लगी हार में, बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति, आभार्

    जवाब देंहटाएं
  7. संग-ए-दिल बन गया मोम जैसा मृदुल,
    नेह आया उमड़ सिन्धु जैसा विपुल,
    हार कर जीत पाई थी उपहार में।
    जीत की गन्ध आने लगी हार में।।

    bahut hi bhav poorn sundar rachna lagi. badhai

    जवाब देंहटाएं
  8. अब तो आपसे मिलने खटीमा आना ही पड़ेगा. बहुत सुन्दर

    जवाब देंहटाएं
  9. bahut hi khoobsoorat shabd sanyojan ...........sundar prastuti.

    जवाब देंहटाएं
  10. जीत की गंध आने लगी हार में..

    आप सारी रचनाएँ इतना ले में लिखती हैं की गीत गाने की इच्छा जागृत हो जाती है............ सुंदर

    जवाब देंहटाएं
  11. जीत की गन्ध आने लगी हार में।।
    इस जज्बे को सलाम करने को जी चाहता है
    बहुत सुन्दर रचना

    जवाब देंहटाएं
  12. बहुत खुबसूरत गीत है आभार.

    जवाब देंहटाएं
  13. जीत की गंध आने लगी हार में..


    बहुत सुन्दर और सकारात्मक अभिव्यक्ति बधाई

    जवाब देंहटाएं

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