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सोमवार, 13 जुलाई 2009

‘‘तुम अगर मेरे जीवन में आते नही’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘‘मयंक’’)


तुम अगर मेरे जीवन में आते नही।
हमको रंग जिन्दगी के लुभाते नही।।


होती खेतों में तम्बू-कनाते गड़ी,
एक सुन्दर सा घर हम बनाते नही।
हमको रंग जिन्दगी के लुभाते नही।।

प्यार करना न आता हमें उम्र भर,
गीत-कविताएँ हम गुन-गुनाते नही।।
हमको रंग जिन्दगी के लुभाते नही।।

करनी पड़ती हमें एक दिन खुदकशी,
राह जीने की गर तुम दिखाते नही।
हमको रंग जिन्दगी के लुभाते नही।।

डर गयीं थी सभी रोशनी की किरण,
आँख चन्दा व सूरज मिलाते नही।
हमको रंग जिन्दगी के लुभाते नही।।

ले ही जाती भँवर में लहर खींच कर,
हाथ अपना अगर तुम थमाते नही।
हमको रंग जिन्दगी के लुभाते नही।।

22 टिप्‍पणियां:

  1. वाह..वाह...मयंक जी!
    जिन्दगी को आपने
    वहुत सुन्दर शब्दों में बाँधा है।
    आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  2. मयंक भैय्या!
    कमाल कर दिया!
    जितनी सुन्दर कविता,
    उतने ही सुन्दर भाव।
    बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  3. क्या बात है शास्त्री जी!! लेकिन ये तो नई डायरी की ही रचना लगती है...

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुनो जी!
    इसके गज़ल लिए कृतज्ञता एवं धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. शास्त्री जी!
    आज तो भाभी जी को भी आपने खुश कर ही दिया।
    बहुत खूब....
    बधाई हो!

    उत्तर देंहटाएं
  6. वन्दना अवस्थी दूबे जी!
    आपने सही अनुमान लगाया है।
    यह ताज़ा ग़ज़ल है।
    सक्सेना जी!
    बढ़ती उम्र में ग़ज़ल से ही सही,
    श्रीमती जी को तो खुश कर ही दिया।

    उत्तर देंहटाएं
  7. शास्त्री जी वाह..वाह बहुत बढि़या,आपने बहुत खूब लिखा है,
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  8. पहले सावन की महिमा और अब यह प्रणय गीत.. इसका मतलब हमारे यहां हुई बारिश का असर उत्तरांचल तक है..:) ... आभार

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह शाश्त्रीजी आज तो बहारें छायी हैं. बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  10. खुशकिस्मत भाभी जी लगतीं कितना सुन्दर गीत।
    इसी तरह सबको मिले जीवन भर का मीत।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

    उत्तर देंहटाएं
  11. सच कहा किसी ख़ास के आने से जीवन में बहार आ जाती है...खूबसूरत ग़ज़ल

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत खूब लिखा है आपने, अति उत्तम

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत ही उम्दा रचना लिखा है आपने शास्त्री जी! इतने सुंदर तरीके से आपने ज़िन्दगी को ख़ूबसूरत शब्दों में लिखा है जो प्रशंग्सनीय है!

    उत्तर देंहटाएं
  14. bahut hi shandar dil ko choone wali rachna likhi hai.

    rang jeevan mein itne umadte nhi
    jeevan ki bagiya mahakti nhi
    tum agar mere jeevan mein aate nhi

    उत्तर देंहटाएं
  15. bahut hi shandar dil ko choone wali rachna likhi hai.

    rang jeevan mein itne umadte nhi
    jeevan ki bagiya mahakti nhi
    tum agar mere jeevan mein aate nhi

    उत्तर देंहटाएं
  16. वाह वाह मयंक जी जीवन की खूबसूरती को झलकाती इस सुन्दर कविता के लइये बहुत बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  17. वाह..वाह... गजब ही ढा दिया शास्त्रीजी!!!!

    आभार/मगलभावो के साथ
    मुम्बई टाइगर
    हे प्रभु तेरापन्थ खान

    उत्तर देंहटाएं

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