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बुधवार, 29 जुलाई 2009

‘‘आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)





झुक गईं शाखाएँ स्वागत में तुम्हारे।

आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।


बुझ गई प्यासी धरा की है पिपासा,

छँट गई व्याकुल हृदय से अब निराशा,

एक अरसे बाद आयी हैं फुहारे।

आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।


धान के पौधों को जीवन मिल गया है,

धूप से झुलसा चमन अब खिल गया है,

पर्वतों पर गा रहे हैं गान धारे।

आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।


पंचमी पर नाग-पूजा रंग लाई,

आसमानों में घटा घनघोर छाई,

बह रही पुरवाई की शीतल बयारे।

आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।


14 टिप्‍पणियां:

  1. आजकल खूब सावन बरस रहा है आपकी कलम से सुन्दर कविता बधाई

    जवाब देंहटाएं
  2. झुक गईं शाखाएं स्‍वागत में तुम्‍हारे, बहुत ही सुन्‍दर कविता बधाई ।

    जवाब देंहटाएं
  3. adarneey mayankji...............,
    namaskaar

    aaj ka ye geet meri drishti me bahut khaas hai
    kamaal hai

    sachmuch kamaal hai

    barkhaa k samast swaroopn aur saundarya ko
    itne saral sahaj shabdon me abhivyakt karke aapne hindi ke kosh ko aur smriddh karne me mahti bhoomika nibhaai hai

    aapka abhinandan !
    hardik abhinandan !

    जवाब देंहटाएं
  4. aap aise hi sawan barsate rahein apne geeton ke jariye taki uski kuch fuharein yahan bhi padti rahein.

    जवाब देंहटाएं
  5. बरसात की तरह आप भी रचनाओं की सुन्दर फुहार लुटा रहे हैं............ लाजवाब रचना है..........

    जवाब देंहटाएं
  6. झुक गईं शाखाएँ स्वागत में तुम्हारे।
    आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।
    सर पर मुम्बई मे बरसात बहुत कम है। कुछ करिए जी!!
    आपकी सुन्दर कविता के लिए धन्यवाद

    आभार/ मगल भावनाऐ
    हे! प्रभु यह तेरापन्थ
    मुम्बई-टाईगर
    SELECTION & COLLECTION

    जवाब देंहटाएं
  7. अच्छा है कि आपके यहां वर्षा रानी आ गयीं.

    जवाब देंहटाएं
  8. झुक गईं शाखाएँ स्वागत में तुम्हारे।
    आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।

    सुन्दर कविता बधाई...

    जवाब देंहटाएं
  9. वाह आपकी रचनाओं में तो खूब बारिश होती है...मजा आ जाता है

    जवाब देंहटाएं
  10. सर, आपने बिलकुल ठीक कहा कि हम टिप्पणियाँ लेने में माहिर हैं। इसका कारण वही कि नये लोगों को अधिक से अधिक टिप्पणी करके उन्हें प्रोत्साहित करते हैं। बाकी आप जैसा समझें।
    आपके स्नेह की सदैव चाह रहेगी।

    जवाब देंहटाएं
  11. बढ़िया चित्र और बेहद सुंदर रचना! बहुत अच्छा लगा !

    जवाब देंहटाएं

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