"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

सोमवार, 20 जुलाई 2009

‘‘क्यों यहाँ हिंसा बहाने पर तुले हो?’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)






बुलबुलों का सदन है मेरा वतन,

क्यों इसे वीरां बनाने पर तुले हो?


खुशबुओं का चमन है मेरा वतन,

क्यों यहाँ दुर्गन्ध लाने पर तुले हो?


शान्त-सुन्दर भवन है मेरा वतन,

आग क्यों इसमें लगाने पर तुले हो?


प्यार की गंग-ओ-जमुन मेरा वतन,

क्यों यहाँ हिंसा बहाने पर तुले हो?


रोशनी में मगन है, नन्हा दिया,

इससे क्यों घर को जलाने पर तुले हो?

(चित्र गूगल सर्च से साभार)

11 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर रचना।
    पर उन चिरागों को कौन समझाये जो अपने ही घर को जलाने पर उतारु हैं।

    जवाब देंहटाएं
  2. बेहतरीन भाव भरी नज़्म है,
    मुबारकवाद!

    जवाब देंहटाएं
  3. शान्त-सुन्दर भवन है मेरा वतन,आग क्यों इसमें लगाने पर तुले हो?
    प्यार की गंग-ओ-जमुन मेरा वतन,क्यों यहाँ हिंसा बहाने पर तुले हो?
    bahut hi achhi lagi rahcana badhai

    जवाब देंहटाएं
  4. waah waah ..........desh prem se paripoorna kavita padhka rmazaa aa gaya.

    जवाब देंहटाएं
  5. इस बेहतरीन और शानदार रचना के लिए बधाई!

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails