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बुधवार, 11 मार्च 2009

गलतफहमी-एक होली ऐसी भी । (डॉ0 रूपचन्द्र शास्त्री मयंक)

मेरे छोटे भाई बरेली के किसी चिकित्सालय में पशुचिकित्सा अधिकारी हैं।
वह सपरिवार होली पर मेरे घर आये हुए थे। कुछ दिन पूर्व उनकी छोटी बेटी को बन्दर
ने काट लिया था। नियमित अन्तराल पर उसको एण्टी रेबीज इंजक्शन लगना था।
लेकिन मुझे यह पता नही था।
उस समय मैंने तीन कुत्ते पाल रखे हैं। उनमें एक अभी छोटा ही था। उसे भी छोटू ही
कहते थे। अचानक मेरे डाक्टर भाई ने कहा कि भइया छोटू को एण्टी-रेबीज का
इंजक्शन लगाना है।
मैंने सोचा कि छोटा भाई पशु चिकित्सक है इसलिए मेरे छोटू के लिए एण्टी-रेबीज
का टीका लाया होगा। अतः मैं छोटू कुत्ते को पकड़ लाया और भाई से कहा कि
इंजक्शन भर कर तैयार कर लो। उसने भी सोचा कि भैया कुत्ते से खेल रहे होंगे।
वह इंजक्शन भर कर ले आया और कहने लगा - भैया थोड़ी रूई और स्प्रिट दे दो।
मैने कहा कि स्प्रिट की क्या जरूरत है। वह संकोच में कुछ नही बोला। मैंने फिर
कहा कि इंजक्शन कुत्ते को ही तो लगाना है। स्प्रिट की क्या जरूरत है। अब उसके
चौंकने की बारी थी। वह बहुत जोर से हँसा।
मैंने कहा कि इसमें इतना हँस क्यों रहे हो। अब उसकी पत्नी भी हँसने लगी। जब
भेद खुला तो पता लगा कि इंजक्शन तो उनकी बेटी छोटू (पल्लवी) को लगना है।
इस गलत फहमी को हर वर्ष होली पर याद कर लेते हैं और ठहाके लगा लेते हैं।

14 टिप्‍पणियां:

  1. छोटू को इंजक्शन लगने का सुन, किस छोटू पर क्या बीती होगी?

    जवाब देंहटाएं
  2. संस्मरण सुन्दर है। pasand aayaa.
    Happy Holi.

    जवाब देंहटाएं
  3. होली के मौके पर संस्मरण सटीक है।
    मुबारकवाद।

    जवाब देंहटाएं
  4. सच्ची बात अच्छी लगती है
    और
    यादों में बस जाती है।

    जवाब देंहटाएं
  5. गलतफहमी सुन्दर लगी।
    बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  6. गलतफहमी भी और
    वो भी होली पर।
    बढ़िया है।

    जवाब देंहटाएं
  7. छोटू पिल्ला तो इंजक्शन से बच गया।
    परन्तु छोटू (पल्लवी) को
    इंजक्शन की मार
    सहनी ही पड़ी।
    बधाई ।

    जवाब देंहटाएं
  8. संस्मरण अच्छा है।
    होली की शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
  9. कुछ संस्मरण बहुत खूबसूरत होते हैं जिनको जिंदगी भर याद करके हंसते रहो पर हंसी खत्म नही होती.

    होली की घणी राम राम.

    जवाब देंहटाएं

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