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मंगलवार, 10 मार्च 2009

मेरी गुड़िया (श्रीमती रजनी माहर)

मेरी गुड़िया जब से,


मेरे जीवन में आयी हो।


सूने घर आँगन में मेरे,


नया सवेरा लायी हो।


पतझड़ में बन कर बहार,


मेरे उपवन में आयी हो।


गुजर चुके बचपन को मेरे,


फिर से ले आायी हो।


सुप्त हुई सब इच्छाओ को,


तुमने पुनः जगाया।


पानी को मम कहना,


मुझको तुमने ही सिखलाया।


तुमने किट्टू को तित्तू ,


तुतली जबान से बतलाया।


मम्मी को मी पापा को पा,


कह अपना प्यार जताया।


मेरी लाली-पाउडर तुम,


अपने गालों पर मलती हो।


मुझको कितना अच्छा लगता,


जब ठुमके भर कर चलती हो।


सजे-सजाये घर को तुम,


पल भर मे बिखराती हो।


फिर भी गुड़िया रानी तुम,


मम्मी को हर्षाती हो।


छोटी सी भी चोट तुम्हारी,


मुझको बहुत रुलाती है।


तुतली-तुतली बातें तेरी,


मुझको बहुत लुभाती हैं।


दादा जी की ऐनक-डण्डा,


लेकर तुम छिप जाती हो।


फिर भी गुड़िया रानी तुम,


दादा जी को भाती हो।


अपनी भोली बातों से तुम,


सबके दिल पर छायी हो।


मेरी गुड़िया जब से,


मेरे जीवन में आयी हो।


सूने घर आँगन में मेरे,


नया सवेरा लायी हो।

11 टिप्‍पणियां:

  1. Wah Attisundar

    Bachpan ki tasveer saamne aa gayi
    Apni "Gudiya" ki photo bhi laga dete

    Aap Sabhi ko holi ki subhkamnaye

    जवाब देंहटाएं
  2. आपको तथा आपके परिवार को होली की शुभकामनाएं. ईश्वर आपके जीवन में उल्लास और मनचाहे रंग भरें

    जवाब देंहटाएं
  3. आपको होली की ढेर सारी बधाइयाँ।

    sundar kavita.
    bhav achhe hain.

    जवाब देंहटाएं
  4. सुन्दर कविता।
    बचपन का सजीव चित्रण।
    होली की ढेर सारी बधाइयाँ।

    जवाब देंहटाएं
  5. सजीव चित्रण।
    होली की शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
  6. गुड़िया से संबंधित एक अच्छी रचना!

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर रचना.

    आपको व आपके परिवार को होली की घणी रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  8. मेरी तरफ से रंगों के त्यौहार होली की शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर कविता है।
    होली की शुभकामनाएँ !
    घुघूती बासूती

    जवाब देंहटाएं

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