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शुक्रवार, 19 जून 2009

‘‘नानी का घर’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


जून महीना आता है और, जब गर्मी बढ़ जाती है।

नानी जी के घर की मुझको, बेहद याद सताती है।।

तब मैं मम्मी से कहती हूँ, नानी के घर जाना है।

नानी के प्यारे हाथों से, हलवा मुझको खाना है।।

कथा-कहानी मम्मी तुम तो, मुझको नही सुनाती हो।

नानी जैसे मीठे स्वर में, गीत कभी नही गाती हो।।

मेरी नानी मेरे संग में, दिन भर खेल खेलतीं है।

मेरी नादानी-शैतानी, हँस-हँस रोज झेलतीं हैं।।

मास-दिवस गिनती हैं नानी, आस लगाये रहती हैं।

रानी-बिटिया को ले आओ, वो नाना से कहती हैं।।

रोज-रोज छोटे मामा जी, आम ढेर से लाते हैं।

उन्हें काटकर प्यारे नाना, हमको खूब खिलाते हैं।।

मस्ती-करना, खेल-खेलना, करना सारा दिन आराम।

अपने घर में बहुत काम है, नानी का घर सुख का धाम।।

(चित्र गूगल सर्च से साभार)

14 टिप्‍पणियां:

  1. शास्त्री जी आपका यह ब्लॉग पढ़कर अपने बचपन की याद तजा हो जाती है...बहुत अच्छा है नानी का घर

    जवाब देंहटाएं
  2. मुझे तो बचपन की ये कविता याद है

    "झितरिया से झितरिया..
    नानी के घार जावा दे
    दुध मलाई खावा दे....."

    बहुत प्यारी कविता..

    जवाब देंहटाएं
  3. छुट्टियों में तो सचमुच सभी बच्चों को केवल नानी का घर ही याद आता है....

    जवाब देंहटाएं
  4. वाह शास्त्री जी बहुत ही बढ़िया

    ---
    चर्चा । Discuss INDIA

    जवाब देंहटाएं
  5. नानी के घर की यादें फिर से ताजा करने के लिये बधाई

    जवाब देंहटाएं
  6. आप तो बचपन की यादों मे डुबो ही देते हैं.

    रामराम

    जवाब देंहटाएं
  7. वाह मयंक जी मेरा मन तो पहले ही नानीमय हुआ है अपकी कविता ने तो प्रसन्न कर दिया है उसे नोते भी कर्वा दी याद कर के मुझे सुनायेगा धन्यवाद्

    जवाब देंहटाएं
  8. याद दिलाती बचपन की यह कविता है बेजोड़।
    गाकर बच्चे इसे पढ़ें तो मच जायेगा शोर।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

    जवाब देंहटाएं
  9. nani ke ghar ki khushiyon ka bahut hi satik chitran kiya hai.......badhayi.

    जवाब देंहटाएं
  10. बीते काल कि यादे ताजा कर गई आप द्वारा रचित कविता पाठ ने।


    धन्यवाद सरजी।


    हे प्रभु यह तेरापथ


    मुम्बई टाईगर

    जवाब देंहटाएं
  11. गीत में बच्‍चों के लिए गति है
    इस गति में बीती हुई मति है

    जवाब देंहटाएं

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