"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

फ़ॉलोअर

सोमवार, 29 जून 2009

इसी का नाम दुनिया है। (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक)

हर रोज

सुबह आयेगी,

शाम ढलेगी,

रात जायेगी

और

फिर सुबह होगी,

पर

इन्तजार

खत्म न होगा।

संसार की

यही तो नियति है

और

शायद

इसी का नाम

दुनिया है।

14 टिप्‍पणियां:

  1. jeewan chalane ka naam

    aur sab kuch bas chalata hi rahata hai
    pritvi gol hai to bas gol gol chalate hai..

    aapne achcha darshaya jeewan ko.
    badhayi..

    जवाब देंहटाएं
  2. विनोद कुमार पांडेय जी.
    यह तो किसी के ब्लॉग पर टिप्पणी की थी,
    मगर क्या करूँ.
    यह आधुनिक कविता ही बन गई।
    आपको पसन्द आई,
    शुक्रिया।

    जवाब देंहटाएं
  3. बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

    जवाब देंहटाएं
  4. आपकी तो टिपणीयां भी काव्यमयी रहती हैं. बहुत धन्यवाद.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत खुब !!
    आभार!
    महावीर बी सेमलानी
    मुम्बई टाईगर
    हे प्रभु यह तेरापन्थ

    जवाब देंहटाएं
  6. आपकी टिप्पणियां ही कविता बन जाती हैं...
    लोग काव्यसाधना करते हैं...जो आपने उम्र भर कर ली।
    अब टिप्पणियों से ही कविता बहाइये...इसमें बहुत से रिश्ते पैदा हो रहे हैं...
    सुंदर

    जवाब देंहटाएं
  7. वाह टिपण्णि हो तो ऎसी कि कविता बन जाये

    जवाब देंहटाएं
  8. दुनिया के शाश्वत सत्य का बहुत सुंदर विश्लेषण.. आभार

    जवाब देंहटाएं
  9. khubsoorat rachna hai...
    kya batt hai...
    tippni ko kavita bana dala...

    जवाब देंहटाएं
  10. दुनिया को बहुत कम शब्दों में बहुत ही अच्छे से वर्णित किया है आपने।
    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

    जवाब देंहटाएं
  11. वाह!! अब तो रोज़ ही नया रूप दिख रहा है, आपका.

    जवाब देंहटाएं
  12. mayankji
    kam shabdon mein achchh aur badi baat .seedhi kintu gahari' yahi to achchhi kavita hai.
    hari shanker rarhi

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails