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शनिवार, 28 फ़रवरी 2009

गली-गाँव में धूम मची है,फागों और फुहारों की।।(डॉ0 रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


गली-गाँव में धूम मची है,
फागों और फुहारों की।।
मन में रंग-तरंग सजी है,
होली के हुलियारों की।।


गेहूँ पर छा गयीं बालियाँ,
नूतन रंग में रंगीं डालियाँ,
गूँज सुनाई देती अब भी,
बम-भोले के नारों की।।

पवन बसन्ती मन-भावन है,
मुदित हो रहा सबका मन है,
चहल-पहल फिर से लौटी है,
घर - आँगन, बाजारों की।।



जंगल की चूनर धानी है,
कोयल की मीठी बानी है,
परिवेशों में सुन्दरता है,
दुल्हिन के श्रंगारों की।।


होली लेकर, फागुन आया,
मीठी-हँसी, ठिठोली लाया,
सावन जैसी झड़ी लगी है,
प्रेम-प्रीत, मनुहारों की।।

गली-गाँव में, धूम मची है,
फागों और फुहारों की।।
मन में रंग-तरंग सजी है,
होली के हुलियारों की।।

15 टिप्‍पणियां:

  1. होली लेकर, फागुन आया,मीठी-हँसी, ठिठोली लाया,सावन जैसी झड़ी लगी है,प्रेम-प्रीत, मनुहारों की।।

    सुन्दर पंक्तियां. धन्यवाद.

    जवाब देंहटाएं
  2. शास्त्री जी।
    होली के सदाबहार गीत के लिए,
    शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
  3. होली का नायाब गीत।
    मुबारकवाद।

    जवाब देंहटाएं
  4. सुन्दर होली का गीत है।
    क्या अभी और गीत भी आपके ब्लाग पर
    देखने को मिलेंगे?
    आपके गीतों का मुझे इन्तजार रहता है।

    जवाब देंहटाएं
  5. जितना सुन्दर गीत उतने ही सुन्दर चित्र।
    बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  6. मेरी दोनों बेटियों को
    होली का गीत अच्छा लगा।
    आप लिखते रहें।

    जवाब देंहटाएं
  7. जंगल की चूनर धानी है,
    कोयल की मीठी बानी है,
    परिवेशों में सुन्दरता है,
    दुल्हिन के श्रंगारों की।।
    गीत सुन्दर,
    चित्र सुन्दर,
    भाव सुन्दर,
    बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  8. फागुनी गीत पढ कर आनन्द आ गया। बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  9. वाह, क्या बात है। जितनी सुन्दर फागुनी रचनाएँ, उतने ही प्यारे चित्र, मजा आ गया।

    जवाब देंहटाएं
  10. कविता, ब्लाग और चित्र सब होली मय हो गये जी. बहुत सुंदर लग रहा है. शुभकामनाएं.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  11. घोली गुझिया बोली में,
    हँसी-ठिठोली होली में!

    चंचल गतियाँ होली में,
    मीठी बतियाँ डोली में!

    जवाब देंहटाएं
  12. सुन्दर चित्र, सुन्दर कविता.
    बधाई.

    जवाब देंहटाएं
  13. गली-गाँव में धूम मची है,
    फागों और फुहारों की।।
    मन में रंग-तरंग सजी है,
    होली के हुलियारों की।।

    सुन्दर पंक्तियां. धन्यवाद....

    जवाब देंहटाएं

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